श्री झुंझार जी मंदिर

मंदिर लुणसरा
लोकदेवता

झुंझार जी

राजस्थानी परंपरा में “झुंझार” वह वीर होता है जिसने गायों, गाँव या धर्म की रक्षा में प्राण दिए — लोककथाओं में कहा जाता है कि सिर कटने के बाद भी वह लड़ता रहा। गाँव ऐसे वीरों को रक्षक मानकर उनके थान पर पूजा करते हैं।

स्रोत: राजस्थान पत्रिका

श्री झुंझार जी मंदिर की कहानी आप जानते हैं?

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